जब पुलिस ही लूट करने लगे तो न्याय कौन दिलाएगा?

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में खाकी फिर सवालों में है। कायमगंज क्षेत्र में घर में घुसकर मारपीट और लूट के आरोप में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। दो दारोगा समेत 8 नामजद और 8 अज्ञात पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। आदेश के बाद महकमे में हड़कंप है।

विशेष न्यायाधीश (डकैती) शैलेंद्र सचान ने शायदा बेगम की याचिका पर संज्ञान लिया। आरोप है कि पुलिस टीम ने उनके घर में घुसकर करीब 90 हजार रुपये और लाखों के जेवर लूट लिए। विरोध करने पर मारपीट की गई। एक नाबालिग समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से तीन को जेल भेज दिया गया।

कोर्ट के निर्देश पर कायमगंज कोतवाली में BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई। मामले में उपनिरीक्षक सोमवीर, जितेंद्र कुमार और हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी आरोपी हैं।

कोतवाल मदन मोहन पर भी सवाल उठे हैं। कोर्ट ने उन पर भ्रामक रिपोर्ट देने का आरोप लगाया और व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया। साथ ही SP को जांच की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब पुलिस ने अपने ही साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की पुलिसिंग पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।