उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘एक जिला-एक व्यंजन’ योजना के तहत कानपुर मंडल की फाइनल सूची जारी कर दी है। इसमें कानपुर के समोसे, लड्डू और मक्खन मलाई समेत कई पारंपरिक व्यंजनों को आधिकारिक मान्यता मिली है।

अब तक आगरा का पेठा, लखनऊ की रेवड़ी और मथुरा के पेड़े जैसे कुछ ही व्यंजन प्रदेश की पहचान माने जाते थे।

योजना के तहत छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय और IIT कानपुर को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई थी। सर्वे के बाद अलग-अलग जिलों के प्रसिद्ध व्यंजनों का चयन किया गया।

स्थानीय स्वादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाकर इन्हें पर्यटन से भी जोड़ा जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों, हलवाइयों और स्थानीय बाजार को फायदा मिलने की उम्मीद है।

सर्दियों में मिलने वाली कानपुर की मक्खन मलाई को खास पहचान मिली है।

कानपुर नगर से समोसा, लड्डू और मक्खन मलाई। कानपुर देहात की लस्सी और खाद्य तेल। कन्नौज की गट्टा मिठाई और खोया पेड़ा। इटावा से सरसों की चटनी, मट्ठा आलू और खीर मोहन। उन्नाव के काला जामुन, समोसा और कुशली। फर्रुखाबाद की दालमोठ और भुने आलू। औरैया के शुद्ध देसी घी, दूध बर्फी, बालूशाही और गुड़ का भी चयन हुआ है।