लखनऊ के निजी अस्पतालों पर आयुष्मान भारत योजना के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिन मरीजों को 1–2 दिन ICU की जरूरत थी, उन्हें कागज़ों में 8–10 दिन भर्ती दिखाकर हजारों नहीं, लाखों के बिल बनाए गए। जांच में जब ICU की दवाओं और जांच रिपोर्ट मांगी गई, तो कई अस्पताल जवाब नहीं दे पाए। अब सवाल उठ रहा है—गरीबों के इलाज के लिए बनी योजना, क्या मुनाफाखोरी का जरिया बन गई?