आगरा से सामने आई ये कहानी दिल को झकझोर देती है 💔 14 साल तक परिवार का हिस्सा रहा लेब्राडोर डॉग टाइगर जब दुनिया से गया, तो परिजनों ने उसे सिर्फ पालतू नहीं माना… बल्कि बेटे की तरह अंतिम विदाई दी। गंगाजी राजघाट पर अंतिम संस्कार, मुंडन, तेरहवीं, हवन और ब्रह्मभोज—हर रस्म उसी प्यार के साथ निभाई गई, जो इंसानों के लिए निभाई जाती है।
ये कहानी बताती है कि रिश्ते खून से नहीं, भावनाओं से बनते हैं 🐾