क्या लाखों शिक्षकों की नौकरी पर मंडरा रहा है खतरा?
इसी मुद्दे को लेकर अटेवा (ऑल टीचर्स एंड एंप्लॉयी वेलफेयर एसोसिएशन) अब सड़क पर उतरने जा रहा है। संगठन ने पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान का ऐलान किया है।
अटेवा ने बताया कि 11 जून से लखनऊ के काकोरी से जनजागरण यात्रा शुरू होगी। शहीदों को नमन करने के बाद यात्रा विभिन्न ब्लॉकों और जिलों तक पहुंचेगी। वहीं, 25 सितंबर को लखनऊ में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच की बैठक में पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण खत्म करने और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग दोहराई गई। अटेवा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता के कारण लाखों शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। वहीं पुरानी पेंशन न होने से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
10 जुलाई से 15 अगस्त तक जनजागरण गोष्ठियां आयोजित होंगी। 29 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 25 सितंबर को राजधानी में रैली कर सरकार से सकारात्मक निर्णय की मांग की जाएगी।
शिक्षकों से जनगणना, एसआईआर समेत कई गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें टीईटी पास करने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है।